البحث

عبارات مقترحة:

العفو

كلمة (عفو) في اللغة صيغة مبالغة على وزن (فعول) وتعني الاتصاف بصفة...

الرزاق

كلمة (الرزاق) في اللغة صيغة مبالغة من الرزق على وزن (فعّال)، تدل...

الرفيق

كلمة (الرفيق) في اللغة صيغة مبالغة على وزن (فعيل) من الرفق، وهو...

इस्लाम में आर्थिक स्थिति की एक झलक

الهندية - हिन्दी

المؤلف अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
القسم مقالات
النوع نصي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات المعاملات
धन जीवन की रीढ़ की हड्डी और उसका आधार है, जिसके द्वारा इस्लामी शरीअत का उद्देश्य एक संतुलित समाज की स्थापना है जिस में सामाजिक न्याय का बोल बाला हो जो अपना तभी सदस्यों के लिए आदरणीय जीवन का प्रबंध करता है। और जब इस्लाम की दृष्टि में धन उन आवश्यकताओं में से एक है जिस से व्यक्ति या समूह बेनियाज़ नहीं हो सकते, तो अल्लाह तआला ने उसके कमाने और खर्च करने के तरीक़ों से संबंधित कुछ नियम बनाये हैं। इस लेख में संछिप्त रूप से उसी का उल्लेख किया गया है।

المرفقات

2

इस्लाम में आर्थिक स्थिति की एक झलक
इस्लाम में आर्थिक स्थिति की एक झलक