البحث

عبارات مقترحة:

الأعلى

كلمة (الأعلى) اسمُ تفضيل من العُلُوِّ، وهو الارتفاع، وهو اسمٌ من...

المبين

كلمة (المُبِين) في اللغة اسمُ فاعل من الفعل (أبان)، ومعناه:...

الصمد

كلمة (الصمد) في اللغة صفة من الفعل (صَمَدَ يصمُدُ) والمصدر منها:...

जन सेवा और इस्लाम

الهندية - हिन्दी

المؤلف जलालुद्दीन उमरी ، मुहम्मद सलीम सिद्दीक़ी
القسم كتب وأبحاث
النوع نصي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات الدعوة إلى الإسلام - حقوق الإنسان في الإسلام
इस्लाम एक संपूर्ण और व्यापक धर्म है, जिस ने दीन और दुनिया, लोक और परलोक, तथा जीवन के सभी वर्गों में मानव जाति की आवश्यकताओं की पूर्ति की है और उसकी समस्त समसयाओं का उचित समाधान पेश किया है। इस्लाम धर्म की विभिन्न विशेषताओं और गुणों में से एक मानव अधिकार की रक्षा है, जिसका एक महत्वपूर्ण छेत्र जन सेवा है। प्रस्तुत पुस्तक में विस्तारपूर्वक इस्लाम में जन सेवा की कल्पना के विषय पर वार्तालाप किया गया है। इस्लाम ने जिस व्यापक रूप से जन सेवा को परिभाषित किया, उसका महत्व स्पष्ट किया, अपने मानने वालों को इसकी प्रेरणा दी, सेवा के अधिकारी लोगों को सुनिश्चित किया, और जिस प्रकार आध्यात्मिक और नैतिक आधारों पर इसका सुदृढ़ क़ानूनी ढाँचा खड़ा किया है वह अद्वितीय है, बल्कि इसे ईश्वर उपासना और धार्मिक कर्तव्य से संबंधित कर के अनन्त बना दिया।