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उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा हफ्सा बिन्त उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु अन्हुमा

الهندية - हिन्दी

المؤلف अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
القسم مقالات
النوع نصي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات تفسير طبقة الصحابة - السيرة النبوية
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा हफ्सा बिन्त उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु अन्हुमा एक महान सहाबी खुनैस बिन हुज़ैफा अस-सहमी रज़ियल्लाहु अन्हु की पत्नी थीं, जो उहुद की लड़ाई में एक मार लगने के कारण अल्लाह को प्यारे हो गए थे। उसके बाद पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उनसे शादी की और वह उम्मुल मोमिनीन होगईं। वह जिबरील अलैहिस्सलाम की सच्ची गवाही के अनुसार बहुत रोज़ा रखनेवाली और बहुत नमाज़ पढ़नेवाली थीं, तथा स्वर्ग में भी पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नी हैं। इस लेख में उनकी संक्षेप जीवनी प्रस्तुत की गई है।

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उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा हफ्सा बिन्त उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु अन्हुमा
उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा हफ्सा बिन्त उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु अन्हुमा